Top News

ट्रंप का डबल अटैक: ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी को बताया जीनियस, कहा- परमाणु हथियार छोड़े बिना नहीं होगी कोई डीलTrump's double attack: Calls the naval blockade on Iran genius, says there will be no deal without giving up nuclear weapons.

 


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे जीनियस बताते हुए साफ कहा कि जब तक ईरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म नहीं करता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा। 


सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत बना अमेरिका- ट्रंपट्रंप ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यह पूरी तरह सफल और फुलप्रूफ रही है। उनके मुताबिक, इससे अमेरिकी नेवी की ताकत साफ नजर आती है और अब कोई भी देश अमेरिका के सामने चालबाजी नहीं कर पाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पहले कार्यकाल से ही सेना को लगातार मजबूत किया गया है, जिससे आज अमेरिका दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत बन चुका है।

आगे बोलते हुए ट्रंप ने वेनेजुएला और ईरान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की सेना कुछ ही समय में ढह गई थी और ईरान के मामले में भी अमेरिका ने सैन्य रूप से उसे पूरी तरह कमजोर कर दिया है। उनके अनुसार, ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी वायुसेना भी अब प्रभावी भूमिका निभाने की स्थिति में नहीं है।


नो न्यूक्लियर, तभी डील– ट्रंप का स्पष्ट संदेशट्रंप ने दो टूक कहा कि कोई भी समझौता तभी संभव है जब ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा पूरी तरह छोड़ दे। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अब बातचीत पहले की तरह आमने-सामने नहीं बल्कि फोन के जरिए हो रही है।ट्रंप के अनुसार, इस नाकेबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और देश गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नाकेबंदी के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर भी असर पड़ा है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।  डिप्लोमैटिक कोशिशों पर ट्रंप ने कहा कि बातचीत का सिलसिला जारी है, लेकिन अब तरीका बदल गया है। उन्होंने बताया कि हर बार लंबी उड़ान भरकर आमने-सामने मिलने के बजाय अब अधिकतर बातचीत फोन के जरिए हो रही है, जिससे प्रक्रिया आसान और तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि आमने-सामने बातचीत को वह अब भी ज्यादा प्रभावी मानते हैं।

42 जहाज लौटाए गए- CENTCOM का दावाअमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने जानकारी दी कि अब तक 42 व्यापारिक जहाजों को वापस लौटाया जा चुका है, जो नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के समुद्री व्यापार पर बड़ा असर डाल रही है और अमेरिकी सेना लगातार निगरानी बनाए हुए है।ईरान का प्रस्ताव और अमेरिका का रुखमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने शर्तों के साथ युद्धविराम का प्रस्ताव दिया है, जिसमें नाकेबंदी हटाने की मांग शामिल है। हालांकि अमेरिका ने फिलहाल इस पर सख्त रुख अपनाया है और साफ कर दिया है कि परमाणु कार्यक्रम पर समझौता किए बिना कोई राहत नहीं दी जाएगी।होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्रस्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस समय अमेरिका-ईरान तनाव का सबसे अहम केंद्र बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है, जहां सामान्य दिनों में रोजाना 100 से अधिक जहाज गुजरते थे, लेकिन मौजूदा संकट में यातायात काफी कम हो गया है।

Post a Comment

Previous Post Next Post