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जमीन के बदले नौकरी का मामला, लालू यादव की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का CBI को नोटिस Delhi High Court issues notice to CBI on Lalu Yadav's plea in land-for-job case


दिल्ली हाईकोर्ट ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की उस याचिका पर CBI को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने रॉउज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिस आदेश में उनके खिलाफ रेलवे की कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आरोप तय किए गए हैं. जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद CBI से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 17 मार्च तय की गई है.जनवरी में निचली अदालत ने लालू परिवार पर तय किए थे आरोप



इस साल जनवरी में रॉउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल CBI जज विशाल गोगने ने लालू यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए थे. कोर्ट ने कहा था कि शुरुआती तौर पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला बनता है. इस केस में लालू यादव के साथ उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव तथा बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव भी आरोपी हैं.

ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पहली नज़र में ऐसा लगता है कि लालू यादव और उनका परिवार एक तरह के आपराधिक नेटवर्क की तरह काम कर रहे थे और रेलवे में नौकरी देने के बदले लोगों से जमीन ली गई.

2004 से 2009 के बीच हुआ घोटाला- CBI

जांच एजेंसी CBI के मुताबिक यह कथित घोटाला 2004 से 2009 के बीच का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे. CBI का आरोप है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले कई लोगों से जमीन ली गई जिसे लालू यादव के परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी एक कंपनी के नाम पर कम कीमत पर खरीदा गया. कई सौदों में नकद लेन-देन भी होने का आरोप है.

लालू परिवार का इनकार, कोर्ट में करेंगे केस का सामना

हालांकि लालू यादव और उनके परिवार के सभी सदस्य इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं. इससे पहले रॉउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होकर लालू यादव और राबड़ी देवी ने भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों को गलत बताया था और कहा था कि वे अदालत में केस का सामना करेंगे. अब दिल्ली हाईकोर्ट के नोटिस के बाद CBI को 17 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करना होगा.

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