भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अब तक बात नहीं बन सकी है. दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो अब तक समझौते का पॉजिटिव हल निकलने के दावे कर रहे थे, अचानक 500% टैरिफ की धमकी देते नजर आने लगे हैं. हालांकि, इन धमकियों का कितना असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर होगा, इसके बारे में अर्थशास्त्री पूरी तस्वीर साफ कर रहे हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी की पूर्व सदस्य और अर्थशास्त्री आशिमा गोयल का कहना है कि भारत अमेरिका पर इतना निर्भर नहीं है, क्योंकि देश के पास तमाम अच्छे विकल्प हैं.
ट्रेड डील पर चिंता का सवाल ही नहीं!बिजनेस टुडे पर छपी एक रिपोर्ट में आशिमा गोयल द्वारा दिए इंटरव्यू के हवाले से बताया गया है कि मैंने अमेरिका पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित होते देखा, और शायद इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि वहां से बहुत ज्यादा जानकारी आती है, वहां से बहुत अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आता है. अर्थशास्त्री ने वैश्विक विकास के बदलते स्वरूपों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उभरते बाजार Global Growth में 50% से ज्यादा योगदान देते हैं, मुझे लगता है कि हमें ट्रेड डील में देरी पर चिंता करने के बजाय, मौजूदा विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए.

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