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भारत के चावल पर भी टैरिफ लगाएंगे ट्रंप? अमेरिकी किसानों की बात सुनकर अलापने लगे पुराना रागWill Trump impose tariffs on Indian rice too? After listening to American farmers, he began to sing his old tune.

 दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को साफ-साफ संकेत दे दिया कि वे भारतीय चावल और कनाडा से आने वाली खाद (फर्टिलाइजर) पर नई टैरिफ लगा सकते हैं। व्हाइट हाउस में अमेरिकी किसानों के लिए 12 अरब डॉलर की नई मदद की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा कि विदेशी आयात से अमेरिकी किसान परेशान हैं और अब इस पर सख्त कदम उठाने का वक्त आ गया है।ट्रंप ने कहा कि भारत समेत कुछ देश अमेरिका में चावल 'डंप' कर रहे हैं, यानी बहुत सस्ते दाम पर बेच रहे हैं, जिससे अमेरिकी चावल उत्पादकों की कमर टूट रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "वे ऐसा नहीं कर सकते। हम इसकी इजाजत नहीं देंगे।"


भारतीय चावल पर ट्रंप की टेढ़ी नजर

अमेरिकी किसान लंबे वक्त से शिकायत करते रहे हैं कि भारत, वियतनाम और थाईलैंड से आने वाला सस्ता चावल उनके मार्केट को बर्बाद कर रहा है। चावल के दाम गिरते जा रहे हैं और स्थानीय किसान मुसीबत में हैं। ट्रंप ने कहा, "मैंने दूसरों से भी सुना है कि डंपिंग हो रही है। हम इसका ख्याल रखेंगे।"

इस साल की शुरुआत में ट्रंप पहले ही भारत से आने वाले कई सामानों पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगा चुके हैं। इसके पीछे की वजह बताई गई थी कि भारत अमेरिकी पर भारी भरकम टैरिफ लगाता है और रूस से तेल खरीदता है। इसके बाद अब चावल पर नया टैरिफ आने की पूरी आशंका है।

कनाडा का फर्टिलाइजर भी निशाने पर

ट्रंप ने कनाडा से आने वाली खाद पर भी कड़ी कार्रवाई की धमकी दी है। उन्होंने कहा, "अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली काफी खाद कनाडा से आती है। अगर जरूरत पड़ी तो हम उस पर भी भारी टैरिफ लगा देंगे। इससे अमेरिका में ही खाद का उत्पादन बढ़ेगा।"

अमेरिका के साथ ट्रेड डील का क्या हुआ?

भारत और कनाडा, दोनों देशों के साथ व्यापारिक बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। इस हफ्ते अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आने वाला है। कनाडा के साथ भी उत्तर अमेरिकी व्यापार समझौते (USMCA) को फिर से खोलने की बातें चल रही हैं। ट्रंप पहले भी कनाडा पर कई उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ की धमकी दे चुके हैं।

अमेरिकी किसानों को बड़ी राहत

इन सबके बीच ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए 12 अरब डॉलर की नई सहायता पैकेज की घोषणा की है। उनका कहना है कि महंगाई, बढ़ते खर्चे और विदेशी आयात की मार से किसानों को बचाना उनकी प्राथमिकता है। किसान ट्रंप का बड़ा वोट बैंक हैं और 2024 चुनाव में भी इन्हीं की बदौलत उन्हें बड़ा फायदा मिला था।

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