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उन्होंने कहा कि, ऐसा इसलिए है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में, डेमोग्राफिक बदलाव लाने और अपने वोटों को मजबूत करने के लिए आपकी (ममता बनर्जी) निगरानी में घुसपैठ होती है. He said that this is because, in West Bengal, infiltration is taking place under your (Mamata Banerjee's) watch in order to bring about demographic changes and strengthen your vote base.

 

शाह ने कहा कि, अगला चुनाव घुसपैठ रोकने और यहां से घुसपैठियों को निकालने के मुद्दों पर लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि, बंगाल बॉर्डर से हो रही घुसपैठ नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा है

शाह ने कहा कि, 30 दिसंबर भारतीयों के लिए गर्व का दिन है, क्योंकि इसी दिन 1943 में बंगाल के सपूत सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में भारतीय झंडा फहराया था. शाह ने कहा कि, यह बंगाल के लिए भी एक अहम समय है, जो आज से शुरू होकर अप्रैल तक चलेगा, क्योंकि राज्य में विधानसभा चुनाव होंगे. शाह ने कहा कि, बंगाल के लोगों ने एक मजबूत सरकार चुनने का फैसला किया है जो उन्हें विरासत, विकास और भलाई दे, न कि (ऐसी सरकार जो) डर, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ लाई है."


उन्होंने कहा कि, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पिछले 15 सालों के राज में, राज्य में डर, भ्रष्टाचार, कुशासन और गैर-कानूनी घुसपैठियों की घुसपैठ की वजह से लोगों में चिंता देखी गई है. शाह ने पश्चिम बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाया कि BJP के सत्ता में आने पर राज्य की विरासत को फिर से कायम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि, भाजपा गरीबों की भलाई को प्राथमिकता देते हुए विकास पर ध्यान देगी, जैसा कि उसने दूसरे राज्यों में किया है.

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि, वह पश्चिम बंगाल के लोगों को भरोसा और वादा करना चाहते हैं कि जैसे ही राज्य में BJP की सरकार बनेगी, बंगाल की विरासत को फिर से जिंदा करेंगे और राज्य का विकास करेंगे. शाह ने कहा, "हम गरीबों की भलाई को भी प्राथमिकता देंगे. हमने दूसरी जगहों पर भी गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी है। हम एक नेशनल ग्रिड बनाएंगे जो बंगाल में घुसपैठ रोकेगा."

शाह ने बंगाल में ऐसा ग्रिड तैयार किया जाएगा जिससे इंसान तो छोड़ दीजिए, परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा. शाह ने कहा कि, वह यह सुनिश्चित करेंगे कि, प्रत्येक घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला जाए.

पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस राज्य में वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का विरोध कर रही है. चुनाव आयोग ने कहा है कि क्लेम और ऑब्जेक्शन विंडो 15 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी. आयोग ने वोटर से अपनी डिटेल्स वेरिफाई करने की अपील की है, क्योंकि अगले विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल के राजनीतिक माहौल में SIR एक अहम मुद्दा बना हुआ है.

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