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माघ मेले में 12-15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना12-15 crore devotees are expected to attend the Magh Mela.

 मुख्य सचिव एसपी गोयल ने माघ मेला-2026 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी विभागों को 15 तक सभी कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्हाेंने कहा कि मेले से जुड़े सभी कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।


जहां भी कार्य की प्रगति कम है, वहां तत्काल गति लाई जाए। आने वाले संत–महात्माओं और करोड़ों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध पालन करें।

मुख्य सचिव ने सोमवार को समीक्षा बैठक में स्वच्छता, चिकित्सा, विद्युत–पेयजल, सुरक्षा और आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मौके पर जाकर निरीक्षण करें।

मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की 24 घंटे की व्यवस्था, अस्थायी अस्पतालों में दवाओं व उपकरणों की उपलब्धता, चिकित्सकों की तैनाती, सुरक्षित विद्युत आपूर्ति और फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाएं।

बैठक में बताया गया कि तीन जनवरी से 15 फरवरी तक चलने वाले माघ मेला में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस बार मेला क्षेत्र का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। स्नान घाट की लंबाई दो किलोमीटर से बढ़ाकर 2.8 किलोमीटर किया गया है। सेक्टर भी पांच से बढ़ाकर सात कर दिए गए हैं। मेला क्षेत्रफल 750 से बढ़ाकर 800 हेक्टेयर किया गया है।

पार्किंग भी 30 से बढ़ाकर 42 कर दी गई है। पान्टून पुल छह से बढ़ाकर सात कर दिए गए हैं। यहां संस्थाएं 4599 से बढ़ाकर 4900 शामिल होंगी। स्वच्छता प्रबंधन के तहत 23,700 सामुदायिक शौचालय, दो हजार यूरिनल, छह कंटेनर शौचालय, 25 हापर-टिपर, 12 कांपैक्टर और आठ हजार डस्टबिन लगाए जाएंगे। करीब 3,300 सफाईकर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे।

जल निगम ने बताया कि इस बार कार्य पिछले वर्षों की तुलना में 25 दिन पहले शुरू कर दिए गए हैं और प्री-फैब एसटीपी का उपयोग किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने पान्टून पुल, चकर्ड प्लेट मार्ग सहित सभी निर्माण कार्य 15 दिसंबर तक पूरा करने का आश्वासन दिया है।

विद्युत विभाग ने भी विद्युतीकरण कार्य समय से पूरा करने, आरएमयू तथा सभी पोलों पर क्यूआर कोड लगाने की जानकारी दी। चिकित्सा व्यवस्था के तहत दो 20-शैय्या अस्पताल, 12 प्राथमिक उपचार केंद्र, 50 एंबुलेंस, पांच आयुर्वेदिक और पांच होम्योपैथिक चिकित्सालय 25 दिसंबर से क्रियाशील होंगे। वेक्टर कंट्रोल यूनिट एक दिसंबर से काम कर रही है।

अधिकतर प्रमुख कार्य जैसे भूमि समतलीकरण, मार्ग चिन्हांकन, टेंटेज व शौचालय संबंधी निविदाएं, सेक्टर कार्यालयों की स्थापना आदि 90–95 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुकी है। शेष सभी आवश्यक अवसंरचना 15 दिसंबर तक उपलब्ध करा दी जाएगी। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पर्यटन, नगर विकास, पुलिस, मंडलायुक्त, मेला अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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