इंदौर । बौद्धिक प्रतिकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक मकान पर विकास कार्य के दौरान कुदाली चलाने और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा इसी अंदाज की नकल किए जाने का मामला अब व्यक्तिगत कटाक्ष तक पहुंच गया है। भाजपा इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने पटवारी को सीधे ‘कांग्रेस का मेल राखी सावंत’ बता दिया। मिश्रा ने आरोप लगाया कि पटवारी राजनीतिक मुद्दों के बजाय सुर्खियों में बने रहने के लिए बयानबाजी और नकल का सहारा लेते हैं।
मिश्रा का तर्क था कि मुख्यमंत्री जिस घर में पले-बढ़े, उससे माता-पिता की यादें और परिवार के सुख-दुख जुड़े हैं। ऐसे घर पर विकास के लिए खुद कुदाली चलाना केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा विषय है। उनके मुताबिक पटवारी को पहले इस भावना को समझना चाहिए था।
इसके बाद भाजपा नेता ने हमला और तीखा कर दिया। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में राखी सावंत को गंभीरता से नहीं लिया जाता, उसी तरह उनका आरोप है कि कांग्रेस में पटवारी को गंभीरता से नहीं लिया जाता और इसलिए वे ऊल-जलूल बयान देकर चर्चा में बने रहने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की नकल करने के लिए पटवारी को ‘दस जन्म’ लेने होंगे।
मिश्रा ने पटवारी की राजनीतिक क्षमता पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वे अपनी पार्टी को चुनावी लाभ नहीं दिला पाए और अपनी पार्टी पर भरोसा करने के बजाय खुद पर ज्यादा भरोसा करते हैं।
हालांकि कांग्रेस ने पलटवार करते हुए टिप्पणी को निंदनीय बताया। कांग्रेस मीडिया कॉर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने कहा कि राजनीतिक सवालों का जवाब व्यक्तिगत उपमाओं से नहीं, तथ्यों से दिया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा से मौतों, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों और युवाओं से जुड़े सवालों पर जवाब मांगा।
यानी कुदाली से शुरू हुआ विवाद अब ‘विकास बनाम नकल’ से आगे बढ़कर निजी तंज की राजनीति में बदल गया है।

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