मुंबई। महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में अंदरूनी खींचतान अब स्थानीय राजनीति से लेकर विधान परिषद चुनाव तक खुलकर सामने आने लगी है। उल्हासनगर महानगरपालिका में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच विवाद इतना बढ़ गया है कि भाजपा ने स्थानीय स्तर पर गठबंधन से अलग होने और पालिका की सत्ता से बाहर बैठने का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव में कल्याण के सांसद श्रीकांत शिंदे के लिए काम नहीं करने की बात भी कही है।
विवाद की जड़ मनोनीत नगरसेवकों की नियुक्ति को लेकर है। भाजपा का दावा था कि सात सीटों में उसे चार सीटें मिलनी चाहिए थीं, लेकिन अंतिम चयन में भाजपा के दो और शिंदे गुट के पांच नगरसेवक चुने गए। इसके बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। भाजपा ने प्रदेश नेतृत्व को गठबंधन तोड़ने का प्रस्ताव भी भेजा है। हालांकि शिंदे गुट के नेता शिवजी रगड़े ने महायुति में किसी टूट से इनकार किया है।
इसी बीच विधान परिषद चुनाव में पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भी भाजपा और शिंदे सेना आमने-सामने हैं। भाजपा ने कौस्तुभ गावडे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि शिंदे गुट ने मंगेश चिवटे को मैदान में उतारने का फैसला किया है। चिवटे के मुताबिक, शिंदे ने उन्हें नामांकन दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मतदान 23 अक्टूबर को होगा।
इन घटनाक्रमों के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आज दिल्ली दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक वे दोपहर बाद दिल्ली पहुंच सकते हैं और वहां महत्वपूर्ण नेताओं से मुलाकातें प्रस्तावित हैं। हालांकि किन नेताओं से उनकी बैठक होगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।

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