रतलाम । बौद्धिक प्रतिकार
मध्यप्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ रतलाम पुलिस की कार्रवाई लगातार चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए तस्करों की अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी निशाने पर लिया जा रहा है। पुलिस के स्तर पर 141 करोड़ रुपये के नशा कारोबार पर शिकंजा कसने और करीब 34 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कराने का दावा किया गया है।
यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस ने तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत फ्रीज कराने की कार्रवाई की है। इससे नशे के नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ पर चोट करने की कोशिश की जा रही है।
फरवरी में सामने आए एक मामले में रतलाम पुलिस ने सात आरोपियों की ₹78.50 करोड़ की अचल संपत्तियों को फ्रीज कराने के लिए मुंबई स्थित SAFEMA न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किए थे। इनमें तीन आरोपियों की कुल ₹14.72 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज करने के आदेश जारी हुए थे। कार्रवाई NDPS Act की संबंधित धाराओं के तहत की गई थी।
अब 141 करोड़ के कथित नशा कारोबार और 34 करोड़ की फ्रीज संपत्ति के आंकड़े सामने आने के बाद कार्रवाई का दायरा और बड़ा बताया जा रहा है। हालांकि इन दोनों आंकड़ों की विस्तृत आधिकारिक सूची और दस्तावेज सार्वजनिक होने पर ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें कितने मामलों और कितने आरोपियों की संपत्तियां शामिल हैं।
रतलाम पुलिस की कार्रवाई से एक सवाल भी सामने है—क्या नशे के नेटवर्क की आर्थिक जड़ तक पहुंचने वाली ऐसी कार्रवाई पूरे मालवा क्षेत्र में भी उसी तेजी से आगे बढ़ेगी?

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