श्रीनगर | जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी प्रस्ताव को लेकर सोमवार को विवाद और गहरा गया। प्रस्ताव के शब्दों में 26 जून 2000 और 6 नवंबर 2024 को विधानसभा में पारित प्रस्तावों का संदर्भ दिए जाने पर BJP ने आपत्ति जताई। BJP का कहना है कि 2000 के प्रस्ताव का संदर्भ पुराने स्वायत्तता संबंधी मुद्दों को फिर चर्चा में लाने की कोशिश है।
विवाद बढ़ने के बाद BJP विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर के खिलाफ हटाने का प्रस्ताव पेश कर दिया। BJP ने आरोप लगाया कि स्पीकर ने संवैधानिक और विधानसभा की प्रक्रिया से जुड़े नियमों की अनदेखी करते हुए ऐसे विषय को सदन में आने दिया, जिसे पार्टी विवादित मानती है। प्रस्ताव J&K Reorganisation Act, 2019 की धारा 19(2)(c) और विधानसभा के नियम 215 के तहत दिए जाने की बात सामने आई है।
सोमवार को प्रश्नकाल शुरू होते ही BJP विधायक आर.एस. पठानिया ने स्पीकर से कुर्सी छोड़ने को कहा। राथर ने जवाब दिया कि स्पीकर को हटाने संबंधी प्रस्ताव पर प्रक्रिया के तहत नोटिस मिलने के 14 दिन बाद ही सदन में अनुमति के लिए विचार किया जा सकता है। इसके बाद BJP विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू हो गई।
हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई। राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग और 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव के संदर्भ को लेकर सत्तापक्ष और BJP के बीच टकराव अब सीधे स्पीकर की कुर्सी तक पहुंच गया है।

Post a Comment