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नई दिल्ली। आज की Gen Z के रिश्तों की दुनिया बदल चुकी है। डेटिंग से लेकर situationship, commitment, breakup और soulmate तक—रिश्तों को लेकर युवाओं के सवाल भी अब पहले से कहीं ज्यादा जटिल हो गए हैं। ऐसे ही सवालों पर आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने युवाओं से संवाद करते हुए रिश्तों को लेकर अपने विचार साझा किए।
युवाओं के बीच चर्चित situationship यानी ऐसा रिश्ता जिसमें भावनात्मक जुड़ाव तो हो, लेकिन रिश्ते की स्पष्ट प्रतिबद्धता न हो—पर बात करते हुए उन्होंने रिश्तों में स्पष्टता और आपसी सम्मान को महत्वपूर्ण बताया। उनका संदेश था कि किसी रिश्ते में केवल दूसरे व्यक्ति से अपेक्षाएं रखने के बजाय व्यक्ति को अपने भीतर भी स्थिरता और समझ विकसित करनी चाहिए।
Soulmate को लेकर भी युवाओं की उत्सुकता रहती है कि क्या जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति पहले से तय होता है जो उनका ‘परफेक्ट पार्टनर’ हो। श्री श्री रविशंकर के विचारों में रिश्ते को केवल किसी एक व्यक्ति की तलाश के रूप में देखने के बजाय समझ, स्वीकार और साथ बढ़ने की प्रक्रिया के तौर पर देखना अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने युवाओं को यह भी समझाने की कोशिश की कि प्रेम में अत्यधिक अपेक्षाएं कई बार तनाव का कारण बनती हैं। किसी रिश्ते की मजबूती केवल आकर्षण से नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और परस्पर सम्मान से बनती है।
Gen Z के लिए इन सवालों का सबसे बड़ा संदेश यही है कि रिश्ते का नाम तय करने से ज्यादा जरूरी है उसमें स्पष्टता, सम्मान और मानसिक शांति का होना।

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