ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस, आज फिर देशभर में प्रदर्शन; कल CWC, 30 को INDIA गठबंधन की बैठक

नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट | प्रणव बजाज



मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का राजनीतिक और संसदीय दबाव अब अगले चरण में पहुंच गया है। पार्टी ने 28 सितंबर को देशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा है। कांग्रेस की मांग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की है। कई राज्यों में पार्टी ने निर्वाचन कार्यालयों तक मार्च और ज्ञापन देने की घोषणा की है। 


यह विवाद मुख्य रूप से Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं; निर्वाचन आयोग की ओर से इन आरोपों पर उसका पक्ष भी महत्वपूर्ण है। विवाद के बीच चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा SIR से जुड़े कुछ निर्णयों पर कथित आपत्तियों का मुद्दा भी विपक्ष उठा रहा है। 


कांग्रेस ने आंदोलन के साथ संगठनात्मक स्तर पर भी अगला कदम तय किया है। 29 सितंबर को सुबह 10:30 बजे नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में CWC की बैठक होगी। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। 


इसके बाद 30 सितंबर को INDIA गठबंधन की बैठक दिल्ली में प्रस्तावित है। इसमें ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, SIR और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति तथा संसद में संभावित कार्रवाई पर चर्चा होने की खबर है। 


इस्तीफे से आगे महाभियोग की तैयारी

कांग्रेस और विपक्षी दलों की रणनीति केवल इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं रहने के संकेत हैं। विपक्षी खेमे में संसद में महाभियोग/हटाने की प्रक्रिया के लिए समर्थन जुटाने पर भी चर्चा चल रही है। हालांकि यह राजनीतिक-संसदीय प्रक्रिया है और अंतिम कदम के लिए आवश्यक समर्थन तथा संवैधानिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। 


25 सितंबर को भी कांग्रेस ने देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया था, जिसमें दिल्ली, पटना, जम्मू, कोलकाता, गुवाहाटी और अन्य शहर शामिल थे। कुछ स्थानों पर पुलिस कार्रवाई और हिरासत की खबरें भी सामने आई थीं। 


इस तरह अगले तीन दिन विपक्ष की रणनीति के लिहाज से अहम हैं—28 सितंबर सड़क पर प्रदर्शन, 29 सितंबर CWC और 30 सितंबर INDIA गठबंधन की बैठक। आगे की दिशा इन बैठकों में लिए जाने वाले फैसलों और संसद में विपक्षी दलों के बीच बनने वाले समर्थन पर निर्भर करेगी।

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