इंफाल। मणिपुर में रविवार को अलग-अलग हमलों में चार लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने साफ किया है कि हिंसा की कोई भी घटना शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों को पटरी से नहीं उतार पाएगी। राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने कहा कि सरकार हिंसा को शांति की राह में बाधा नहीं बनने देगी।
तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुई घटनाओं में दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हुई। हमलों के बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है और घटनाओं की जांच की जा रही है।
गृह मंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार हिंसा के लंबे दौर के बाद सामान्य स्थिति बहाल करने और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास कायम करने की कोशिश कर रही है। सरकार के मुताबिक सुरक्षा बलों की तैनाती और सशस्त्र समूहों के खिलाफ अभियान जारी हैं।
हाल के महीनों में शांति प्रक्रिया को कुछ सकारात्मक संकेत भी मिले हैं। जुलाई में प्रतिबंधित KCP (PWG) के 46 कैडरों ने मुख्यमंत्री के सामने आत्मसमर्पण किया था। केंद्र और राज्य सरकार इसे शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती हैं।
फिर भी ताजा हमले बताते हैं कि चुनौती खत्म नहीं हुई है। सरकार के सामने अब सबसे बड़ी परीक्षा यही है कि **हिंसा पर नियंत्रण के साथ लोगों का भरोसा कैसे कायम किया जाए और दोषियों को निष्पक्ष जांच के जरिए कानून के कटघरे तक कैसे पहुंचाया जाए।**

Post a Comment