गांधी प्रतिमा के नीचे दंपति का उपवास; मरीमाता में पोस्टर का वीडियो बनाने पर मारपीट और डिवाइस छीनने का आरोप
इंदौर में अवैध होर्डिंग-पोस्टर का मुद्दा अब सड़क से गांधी प्रतिमा तक पहुंच गया है। सोशल एक्टिविस्ट प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता पांडेय 17 सितंबर को रीगल चौराहे पर गांधी प्रतिमा के नीचे उपवास पर बैठे हैं। दंपति की मांग है कि शहर में नियम विरुद्ध लगे होर्डिंग-पोस्टर तत्काल हटाए जाएं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
प्रहलाद पांडेय का आरोप है कि मरीमाता चौराहे पर पोस्टर-बैनर का वीडियो बनाते समय कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और डिवाइस छीन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें विधायक गोलू शुक्ला के समर्थक शामिल थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि हाई कोर्ट पहले ही सड़क डिवाइडर और फुटपाथ पर नियम विरुद्ध लगे होर्डिंगों पर कार्रवाई के निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद शहर में जगह-जगह होर्डिंग नजर आने की शिकायतें हैं।
इंदौर पहले ही जाम और ट्रैफिक दबाव से जूझता है। ऐसे में सवाल है—क्या सड़क, फुटपाथ और डिवाइडर पर लगे विज्ञापन वाहन चालकों और पैदल यात्रियों की परेशानी बढ़ा रहे हैं?
अब नगर निगम को बताना चाहिए—शहर में कितने होर्डिंग वैध हैं? कितने अवैध हटाए गए? कितनों पर जुर्माना या FIR हुई? और हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी अगर नए होर्डिंग लग रहे हैं तो जिम्मेदार कौन है?
कोर्ट का आदेश साफ, जनता परेशान—फिर इंदौर की सड़कों से होर्डिंग कब साफ होंगे?

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