भारतीय घरों में दाल रोजमर्रा के खाने का अहम हिस्सा है। इसे प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। लेकिन दाल बनाने का तरीका भी उसके स्वाद और पोषण पर असर डाल सकता है। मशहूर शेफ पंकज भदौरिया अक्सर अपनी कुकिंग टिप्स के जरिए खाने को बेहतर बनाने के आसान तरीके बताती हैं। दाल को लेकर भी उन्होंने सही कुकिंग प्रक्रिया पर ध्यान देने की सलाह दी है।
दाल को अच्छी तरह धोना जरूरी
दाल पकाने से पहले उसे साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इससे धूल-मिट्टी और अन्य बाहरी गंदगी हटाने में मदद मिलती है।
जरूरत के हिसाब से भिगोएं
कुछ दालों को पकाने से पहले भिगोने से उनका पकने का समय कम हो सकता है और वे आसानी से पच सकती हैं। हालांकि हर दाल को लंबे समय तक भिगोना जरूरी नहीं होता।
बहुत ज्यादा पानी में न पकाएं
दाल पकाते समय पानी की मात्रा इतनी रखें कि दाल अच्छी तरह पक जाए। बहुत ज्यादा पानी डालकर बाद में उसे फेंक देने से पानी में घुलने वाले कुछ पोषक तत्व भी कम हो सकते हैं।
बार-बार तेज आंच पर न पकाएं
दाल को जरूरत से ज्यादा पकाने या लगातार तेज आंच पर उबालते रहने के बजाय पर्याप्त समय और उचित तापमान पर पकाना बेहतर है।
तड़का स्वाद के साथ पोषण भी बढ़ाता है
जीरा, हींग, लहसुन, अदरक और सीमित मात्रा में तेल या घी से लगाया गया तड़का दाल का स्वाद बढ़ा देता है। मसालों की मात्रा अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार रखें।
दाल को पौष्टिक बनाए रखने के लिए सिर्फ पकाने का तरीका ही नहीं, बल्कि दाल की किस्म, मात्रा और पूरे भोजन का संतुलन भी महत्वपूर्ण है। इसलिए रोज की थाली में दाल के साथ सब्जियां, अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भी शामिल करना बेहतर विकल्प है।

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