जबलपुर। मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहीं मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के मामले में सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में सुनवाई हुई। नटराजन ने चुनाव याचिका दायर कर नामांकन पत्र को गलत तरीके से खारिज किए जाने को चुनौती दी है।
सुनवाई के दौरान याचिका में बनाए गए अनावेदकों को नोटिस पहुंचाने में दिक्कत सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा से जुड़े तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को दोबारा नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि महेश केवट ने नोटिस लेने से इनकार किया। कोर्ट ने उन्हें जवाब देने के लिए एक और अवसर दिया है। निर्वाचन आयोग सहित दो अन्य अधिकारियों ने खुद को मामले से हटाने के लिए आवेदन भी दिया है।
नटराजन का नामांकन राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के दौरान निरस्त हुआ था। कांग्रेस ने उस समय निर्वाचन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि उनके सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद पर्चा खारिज किया गया।
हाईकोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन को मामले में जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अब मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 9 अक्टूबर 2026 को होगी।

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