नई दिल्ली। अगस्त 2026 की ड्रग टेस्टिंग रिपोर्ट ने देश में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर की सरकारी प्रयोगशालाओं में जांचे गए 220 दवाओं के सैंपल तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
रिपोर्ट में दिल्ली से लिया गया एक सैंपल नकली पाया गया। आरोप है कि इस सैंपल में कथित तौर पर किसी दूसरे ब्रांड के नाम का इस्तेमाल किया गया था। इसके सामने आने के बाद दवाओं की गुणवत्ता, निगरानी और बाजार में नकली दवाओं की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ड्रग टेस्टिंग में किसी दवा का मानकों पर खरा न उतरना मरीजों के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे में सवाल यह है कि गुणवत्ता जांच में विफल दवाएं बाजार की सप्लाई चेन तक कैसे पहुंचती हैं और नकली दवाओं के निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी निगरानी कितनी मजबूत है?
सरकारी जांच रिपोर्ट में सामने आए इन आंकड़ों ने दवा नियमन और क्वालिटी कंट्रोल की व्यवस्था पर फिर बहस छेड़ दी है।

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