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सीमा विवाद से आगे बढ़ी बात? डोभाल-वांग यी की मुलाकात से चीन को भारत का साफ संदेश

 

भारत और चीन के बीच रिश्तों में सुधार की कोशिशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की बीजिंग में अहम मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता में सीमा विवाद के साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित दौरे को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं। 



बैठक में भारत ने स्पष्ट किया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति और स्थिरता ही सामान्य होते रिश्तों की सबसे बड़ी बुनियाद है। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और सीमा निर्धारण से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। 


इस मुलाकात का सबसे बड़ा संकेत यह है कि भारत सीमा विवाद को अलग रखकर चीन के साथ संबंध सामान्य करने के पक्ष में नहीं है। वर्ष 2020 के गलवान तनाव के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आई गिरावट के बावजूद 2024 के सैन्य गतिरोध खत्म करने वाले समझौते के बाद संवाद फिर बढ़ा है। अब अगली चुनौती सीमा पर बनी शांति को स्थायी बनाना है। 


ब्रिक्स सम्मेलन इस पूरी प्रक्रिया को और महत्वपूर्ण बना देता है। यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं तो डोभाल-वांग वार्ता मोदी-शी संभावित मुलाकात की जमीन तैयार करने वाली कड़ी साबित हो सकती है। हालांकि इसे किसी बड़े सीमा समझौते का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी।


फिलहाल संदेश साफ है—भारत चीन के साथ संवाद चाहता है, लेकिन सीमा पर शांति और भरोसे के बिना रिश्तों की पूरी बहाली संभव नहीं मानी जा रही।

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