नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के बाद सोशल मीडिया पर एक नया व्यंग्यात्मक राजनीतिक अकाउंट चर्चा में आ गया है। एक्स पर ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम से अकाउंट सामने आया और देखते ही देखते इसके हजारों फॉलोअर हो गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह अकाउंट मोदी के भाषण के बाद बनाया गया। 17 अगस्त की सुबह तक इसके 4,500 से अधिक फॉलोअर बताए गए हैं। सोशल मीडिया पर इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता ने लोगों का ध्यान खींचा है।
हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में इस अकाउंट के संस्थापक या संचालक की पक्की पहचान सामने नहीं आई है। इसलिए किसी व्यक्ति को इसका फाउंडर बताना फिलहाल सही नहीं होगा। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को आधिकारिक पुष्टि के बिना तथ्य मानना भी उचित नहीं है।
‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि सशस्त्र नक्सलवाद कमजोर हुआ है, लेकिन उसकी विचारधारा से जुड़े लोगों से खतरा बना हुआ है। विपक्ष और आलोचकों ने इस शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।
इसी राजनीतिक बहस के बीच नए अकाउंट का सामने आना सोशल मीडिया की उस प्रवृत्ति को भी दिखाता है, जहां राजनीतिक बयानों पर तुरंत व्यंग्य, मीम और नए डिजिटल अभियान खड़े हो जाते हैं।
फिलहाल सबसे अहम बात यही है—‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ का अकाउंट चर्चा में जरूर है, लेकिन इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह है, इसकी विश्वसनीय पुष्टि अभी बाकी है।

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