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नई दिल्ली।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह "मरने या जेल जाने से नहीं डरतीं" और भारत को बांग्लादेश का पुराना व भरोसेमंद मित्र बताया। उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि हसीना को मंच मिलने से दोनों देशों के संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
शेख हसीना पिछले वर्ष सत्ता परिवर्तन के बाद भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार लगातार उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और प्रत्यर्पण की मांग करती रही है। ऐसे में उनके सार्वजनिक बयानों को ढाका राजनीतिक रूप से संवेदनशील मान रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-बांग्लादेश संबंध रणनीतिक, सुरक्षा और व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में शेख हसीना को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ता कूटनीतिक तनाव आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों की परीक्षा ले सकता है।

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