काहिरा। गाजा में लंबे समय से अटके संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और विशेष दूत जेरेड कुशनर ने रविवार को मिस्र में हमास के राजनीतिक प्रमुख खलील अल-हय्या से मुलाकात की। यह बैठक करीब दो घंटे चली और इसमें मिस्र, कतर तथा तुर्किये के मध्यस्थ भी शामिल रहे।
कुशनर का अगला अहम पड़ाव इजराइल है। वह सोमवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत करेंगे। अमेरिकी प्रयासों का मकसद 15 सूत्रीय प्रस्ताव को आगे बढ़ाना है, जिसमें हमास के निरस्त्रीकरण और गाजा से इजराइली सेना की वापसी की रूपरेखा शामिल है।
हालांकि रास्ता आसान नहीं है। नेतन्याहू इस प्रस्ताव को पहले ही अस्वीकार कर चुके हैं और उनका जोर हमास के पूरी तरह हथियार छोड़ने पर है। दूसरी ओर हमास ने भी अपनी शर्तें रखी हैं और इजराइली हमलों को रोकने तथा सैनिकों की वापसी की मांग की है। रिपोर्टों के मुताबिक हमास ने प्रस्ताव के तहत निरस्त्रीकरण की दिशा में आगे बढ़ने की सशर्त सहमति जताई है।
अब कुशनर की नेतन्याहू से होने वाली बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि अमेरिका दोनों पक्षों के बीच न्यूनतम सहमति बनाने में सफल रहता है तो गाजा में स्थायी संघर्ष विराम और पुनर्निर्माण की दिशा में रास्ता खुल सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि हमास के निरस्त्रीकरण और इजराइली सैन्य वापसी की शर्तों पर दोनों पक्ष कैसे सहमत होंगे।

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