उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 49 बस स्टेशनों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधुनिक बनाने की योजना को आगे बढ़ाया है। इस मॉडल में निजी कंपनियों को 35 से 90 वर्ष तक की लीज दी जा सकेगी, जिससे वे बस स्टेशनों का निर्माण, संचालन और व्यावसायिक विकास कर सकेंगी।
योजना की मुख्य बातें:
प्रदेश के 49 बस स्टेशनों का चरणबद्ध आधुनिकीकरण।
निजी निवेशकों को 90 वर्ष तक की लीज का प्रावधान।
बस स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फूड कोर्ट, होटल, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति।
सरकार का उद्देश्य बिना अतिरिक्त सरकारी खर्च के आधुनिक परिवहन ढांचा विकसित करना और राजस्व बढ़ाना है।
योजना के तहत पहले भी कौशांबी, गाजियाबाद, साहिबाबाद, नोएडा, अमौसी (लखनऊ), बुलंदशहर और फाउंड्रीनगर (आगरा) जैसे बस स्टेशनों को PPP मॉडल पर विकसित करने को मंजूरी दी जा चुकी है। अब इस मॉडल का विस्तार अधिक बस स्टेशनों तक किया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि इस पहल से यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, निजी निवेश आकर्षित होगा और परिवहन निगम की आय में भी वृद्धि होगी।

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