₹271 करोड़ का पेंटहाउस: कौन हैं मानव सरदाना, जिन्होंने खरीदा देश के सबसे महंगे एकल आवासीय सौदों में से एक?

 

गुरुग्राम के डीएलएफ ‘द डहलियास’ में 17,200 वर्गफुट का पेंटहाउस खरीदा, कारपेट क्षेत्र के हिसाब से कीमत करीब ₹2.6 लाख प्रति वर्गफुट


गुरुग्राम। देश के अति-लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में एक ऐसी डील सामने आई है, जिसने संपत्ति की कीमतों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उद्यमी मानव सरदाना ने गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित डीएलएफ के सुपर-लग्जरी आवासीय प्रोजेक्ट ‘द डहलियास’ में एक पेंटहाउस करीब ₹271 करोड़ में खरीदा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह भारत में किसी एक आवासीय इकाई की सबसे महंगी बताई जा रही डील है।


17,200 वर्गफुट का घर, लेकिन असली कीमत कारपेट क्षेत्र में चौंकाती है


इस पेंटहाउस का सुपर एरिया करीब 17,200 वर्गफुट और कारपेट एरिया करीब 10,500 वर्गफुट बताया गया है। ₹271 करोड़ की कीमत को कारपेट एरिया से देखें तो यह लगभग ₹2.58 लाख प्रति वर्गफुट बैठती है। सुपर एरिया के आधार पर कीमत करीब ₹1.58 लाख प्रति वर्गफुट है।


यानी 10,500 वर्गफुट के वास्तविक कारपेट क्षेत्र के हिसाब से देखें तो एक वर्गफुट की कीमत ही कई शहरों में एक पूरे सामान्य घर की कीमत के बराबर हो सकती है।


कौन हैं मानव सरदाना?


मानव सरदाना का नाम अचानक इस सौदे के कारण सुर्खियों में आया है, लेकिन वे कारोबारी दुनिया में बिल्कुल नए नाम नहीं हैं। वे इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं। सार्वजनिक कंपनी अभिलेखों में उनका नाम कंपनी के निदेशक और पूर्णकालिक निदेशक के रूप में दर्ज रहा है।


उपलब्ध कारोबारी रिपोर्टों के अनुसार सरदाना का संबंध उस कारोबारी परिवार से है जिसकी इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज की शुरुआत 1969 में हुई थी। कंपनी ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए विभिन्न कलपुर्जों के निर्माण से जुड़ी रही है।


कंपनी अभिलेखों में मानव सरदाना का नाम कई कंपनियों से जुड़ा मिलता है। इनमें क्रॉज़ हाइड्रॉलिक्स, इंपीरियल सिलिकॉन, चेटल्स एस्टेट, सुपरवेल कॉमट्रेड और अन्य कंपनियां शामिल हैं। उनके नाम से दर्ज निदेशक पहचान संख्या 01749158 है।


इंपीरियल ऑटो से क्या संबंध?


मानव सरदाना का नाम इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज के साथ लंबे समय तक जुड़ा रहा। कंपनी के सार्वजनिक अभिलेखों के अनुसार वे अक्टूबर 2020 में अतिरिक्त निदेशक और बाद में पूर्णकालिक निदेशक बने तथा मार्च 2022 में उस पद से हटे।


बिजनेस रिपोर्टों के अनुसार इंपीरियल ऑटो में बाद में वैश्विक निजी इक्विटी कंपनी वारबर्ग पिंकस का निवेश/अधिग्रहण संबंध सामने आया। यही कारोबारी पृष्ठभूमि मानव सरदाना की पहचान को केवल रियल एस्टेट खरीदार के बजाय एक स्थापित कारोबारी परिवार से जोड़ती है।


271 करोड़ की रकम आखिर किस बात की कीमत है?


यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। ₹271 करोड़ केवल जमीन की कीमत नहीं है। यह एक अत्यंत बड़े, ब्रांडेड और सुपर-लक्जरी आवासीय प्रोजेक्ट में एक विशिष्ट पेंटहाउस की बिक्री कीमत है।


डीएलएफ का ‘द डहलियास’ गुरुग्राम के सेक्टर-54, गोल्फ कोर्स रोड क्षेत्र में स्थित है और इसे कंपनी की प्रमुख अति-लग्जरी आवासीय परियोजनाओं में गिना जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक परियोजना में लगभग 17 एकड़ क्षेत्र में कई टावर और सीमित संख्या में बड़े पेंटहाउस हैं।


क्या यह वास्तव में भारत का सबसे महंगा घर है?


यहां शब्दों का इस्तेमाल सावधानी से करना जरूरी है।


कई ताजा मीडिया रिपोर्टें ₹271 करोड़ के सौदे को भारत का सबसे महंगा एकल-इकाई आवासीय लेनदेन बता रही हैं। लेकिन इसे बिना किसी शर्त के “भारत का सबसे महंगा घर” कहना पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, क्योंकि देश में स्वतंत्र बंगलों, हवेलियों और निजी संपत्तियों की कई बेहद महंगी बिक्री के दावे मौजूद हैं।


इसलिए खबर का तथ्यात्मक निष्कर्ष यह है कि ₹271 करोड़ का यह पेंटहाउस सौदा भारत के सबसे महंगे एकल आवासीय संपत्ति सौदों में नया बेंचमार्क बन गया है और उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में इसे सबसे महंगा बताया जा रहा है।


एक और बड़ा सवाल—गुरुग्राम में इतनी महंगी संपत्ति की मांग क्यों?


यह सौदा सिर्फ एक अमीर व्यक्ति की महंगी खरीद नहीं है। यह भारत के अति-धनाढ्य वर्ग के बदलते रियल एस्टेट व्यवहार का संकेत भी है।


गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड जैसे सीमित आपूर्ति वाले इलाकों में बड़े आकार के, ब्रांडेड और सुरक्षित लक्जरी आवासों की मांग बढ़ी है। डीएलएफ के पुराने सुपर-लक्जरी प्रोजेक्ट ‘द कैमिलियाज’ के बाद ‘द डहलियास’ इसी बाजार को और ऊंचे स्तर पर ले जाता दिखाई दे रहा है।


₹271 करोड़ का सौदा यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या भारत के महानगरों में अति-लग्जरी संपत्तियों की कीमतें अब वैश्विक सुपर-लक्जरी बाजार के स्तर पर पहुंच रही हैं, जबकि दूसरी ओर आम और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए आवास की कीमत और आय के बीच अंतर लगातार बड़ा बना हुआ है।

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