इंदौर। शहर में अंग प्रत्यारोपण की जरूरत वाले मरीजों की संख्या चिंता बढ़ाने वाली है। वर्तमान में 218 मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची में हैं। इनमें 189 मरीजों को किडनी और 29 मरीजों को लीवर की जरूरत है।
अंगदान को बढ़ावा देने के लिए अब इंदौर में अंगदान से जुड़े अस्पतालों के नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसे 13 से अधिक अस्पतालों तक पहुंचाने की तैयारी है। उद्देश्य यह है कि संभावित ब्रेन डेथ के मामलों की समय रहते पहचान हो और मरीज के स्वजन को अंगदान की प्रक्रिया के बारे में समय पर समझाया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंगदान की राह में सबसे बड़ी चुनौती संभावित दाताओं के परिजनों की समय पर काउंसलिंग और उनकी सहमति है। ब्रेन डेथ की स्थिति में परिवार को संवेदनशील तरीके से पूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इंदौर में नेटवर्क विस्तार के साथ अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय, संभावित दाताओं की पहचान और अंगों के समयबद्ध परिवहन की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी होगा। 218 मरीजों की प्रतीक्षा सूची बताती है कि जरूरत और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में केवल नेटवर्क बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अंगदान के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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