भारत सरकार ने पहली बार सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) जारी किया है। यह देश के औपचारिक सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को मापने वाला पहला मासिक सूचकांक है, जिससे सेवा क्षेत्र की वास्तविक प्रगति का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा। यह फिलहाल परीक्षण (ट्रायल) श्रृंखला के रूप में जारी किया गया है और इसका आधार वर्ष 2024-25 रखा गया है।
नया सूचकांक उद्योग उत्पादन सूचकांक की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसमें व्यापार, परिवहन, होटल एवं रेस्तरां, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, पेशेवर सेवाएं और अन्य प्रमुख सेवा गतिविधियों सहित 19 उप-क्षेत्रों के प्रदर्शन को शामिल किया गया है। अप्रैल 2026 के आंकड़ों में 19 में से 14 उप-क्षेत्रों में दोहरे अंक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो सेवा क्षेत्र में मजबूत विस्तार का संकेत है।
सरकार का कहना है कि इस सूचकांक से नीति निर्माण, आर्थिक विश्लेषण और विकास दर का आकलन अधिक सटीक होगा। अब सेवा क्षेत्र की गतिविधियों का मासिक स्तर पर आकलन संभव होगा, जिससे अर्थव्यवस्था में बदलाव के संकेत पहले मिल सकेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है, लेकिन अब तक इसके लिए उद्योग उत्पादन सूचकांक जैसा कोई उच्च-आवृत्ति संकेतक उपलब्ध नहीं था। नया सेवा उत्पादन सूचकांक इस कमी को दूर करेगा और निवेशकों, उद्योग जगत तथा सरकार को बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा।

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