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सुमित मंत्री और नाना पटवारी* पर ईडी ड्रग्स जांच का शिकंजा गहराया!

 

सरकारी जमीन से लेकर संदिग्ध कारोबार तक खंगाल रही एजेंसियां

प्रणव बजाज

इंदौर। ईडी ड्रग्स प्रकरण अब केवल मादक पदार्थों की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नाना पटवारी, उनके कारोबारी नेटवर्क और साझेदार सुमित मंत्री से जुड़े कई पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में तीन और आरोपियों को नामजद किया है, जबकि कई संदिग्ध अब भी फरार बताए जा रहे हैं।


सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सुमित मंत्री को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे थाने नहीं पहुंचे और चिकित्सकीय प्रमाण-पत्र भेज दिया। अब पुलिस दोबारा नोटिस जारी कर उनसे विस्तृत पूछताछ की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर, फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है

जांच एजेंसियों का फोकस अब सरकारी जमीन पर विकसित लाभम बिजनेस वर्ल्ड परियोजना, उससे जुड़े निवेश, वित्तीय लेन-देन और कारोबारी संबंधों पर भी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि परियोजना में निवेश का स्रोत क्या था और कहीं इसका संबंध अवैध धन या ड्रग्स नेटवर्क से तो नहीं है। बैंक खातों, मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।

सूत्रों का यह भी दावा है कि जांच में एक राजनीतिक नेत्री के पति से जुड़े करोड़ों रुपये के हिसाब-किताब, जमीन खरीद-फरोख्त और वित्तीय लेन-देन की जानकारी भी एजेंसियों के सामने आई है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है।

मामले में नाना पटवारी के करीबी माने जाने वाले लोगों, साझेदारों और कारोबारी सहयोगियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस और ईडी यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन, रियल एस्टेट निवेश और अन्य कारोबारों के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।

जांच एजेंसियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष दस्तावेजी साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और पूछताछ पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप न्यायालय में सिद्ध होना शेष है।

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