नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कुशल कार्यबल, तेज़ी से बढ़ते नवाचार, मजबूत डिजिटल ढांचे और अनुकूल कारोबारी वातावरण के कारण भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की अनेक अग्रणी कंपनियां भारत में अपने वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित कर रही हैं, जिससे देश निवेश, रोजगार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों, डिजिटल परिवर्तन, स्टार्टअप संस्कृति और कुशल मानव संसाधन ने भारत को वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य बनाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में वैश्विक क्षमता केंद्रों की संख्या और उनके माध्यम से रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि भारत केवल सेवा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वित्तीय प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, डिजाइन और नवाचार के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे देश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी और भारत विश्व अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका और अधिक मजबूत करेगा।

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