हर महीने नहीं आता ब्याज, इस प्रक्रिया से बढ़ती है आपकी भविष्य निधि की रकम
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) को लेकर अक्सर यह भ्रम रहता है कि ब्याज हर महीने खाते में जमा होता है। जबकि वास्तविकता यह है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) हर महीने शेष राशि पर ब्याज की गणना करता है, लेकिन उसे वित्तीय वर्ष के अंत में एकमुश्त खाते में जमा किया जाता है।
वर्तमान में ईपीएफ पर 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। कर्मचारी और नियोक्ता द्वारा नियमित अंशदान तथा चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंडिंग) के प्रभाव से समय के साथ भविष्य निधि में बड़ी राशि जमा हो जाती है, जो सेवानिवृत्ति के समय आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कर्मचारी नौकरी के दौरान नियमित रूप से ईपीएफ में योगदान जारी रखता है और अनावश्यक निकासी से बचता है, तो लंबे समय में अच्छा सेवानिवृत्ति कोष तैयार किया जा सकता है।
ईपीएफओ समय-समय पर ब्याज दरों की घोषणा करता है और वित्तीय वर्ष पूरा होने के बाद पात्र खातों में ब्याज की राशि जमा की जाती है। इसलिए खाताधारकों को यह समझना चाहिए कि ब्याज की गणना मासिक आधार पर होती है, लेकिन उसका भुगतान वार्षिक रूप से किया जाता है।

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