इंदौर नगर निगम का बड़ा फैसला: ड्यूटी से पहले होगी हर चालक की ब्रेथ एनालाइजर जांच, नशे में मिलने पर तत्काल कार्रवाई
विशेष संवाददाता | इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सफाई व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित एवं जवाबदेह बनाने के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। अब कचरा संग्रहण वाहनों के किसी भी चालक को बिना ब्रेथ एनालाइजर जांच के ड्यूटी पर नहीं भेजा जाएगा। यदि कोई चालक शराब के नशे में पाया गया तो उसे तत्काल वाहन चलाने से रोक दिया जाएगा और विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। नगर निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ चालक शराब के नशे में कचरा वाहन चला रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने के साथ-साथ निगम की छवि भी प्रभावित हो रही थी। इन्हीं शिकायतों के बाद निगमायुक्त शिवम वर्मा ने सभी जोनों में नियमित जांच के निर्देश दिए हैं।
60 ब्रेथ एनालाइजर खरीदे, 85 वार्डों में होगी जांच
नगर निगम ने जांच अभियान के लिए 60 ब्रेथ एनालाइजर खरीदे हैं। शहर के 22 जोन और 85 वार्डों में प्रतिदिन ड्यूटी शुरू होने से पहले चालकों की जांच की जाएगी। निगम के अनुसार शहर में लगभग 1,400 कचरा वाहन संचालित हैं, जिनके लिए करीब 2,500 चालक कार्यरत हैं। आवश्यकता पड़ने पर सफाई कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी।
सुरक्षा के साथ जवाबदेही पर जोर
नगर निगम का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और नागरिकों की जान-माल की रक्षा करना है। नशे की हालत में भारी वाहन चलाना चालक, सहकर्मियों और आम लोगों सभी के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
बौद्धिक प्रतिकार की पड़ताल
इंदौर लगातार स्वच्छता में देश का अग्रणी शहर रहा है। ऐसे में केवल सफाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसे संचालित करने वाले तंत्र की जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि जांच निष्पक्ष और नियमित होती है तो यह व्यवस्था अन्य नगर निगमों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल बन सकती है। लेकिन यह भी सुनिश्चित करना होगा कि अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित न रहे, बल्कि स्थायी व्यवस्था के रूप में लागू हो।

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