आयाम बजाज (मुंबई)
महाराष्ट्र सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की संभावनाओं, कानूनी पहलुओं और संवैधानिक प्रावधानों का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस विषय पर संविधान और कानून के सभी प्रावधानों का पूर्ण पालन करेगी। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून तैयार करना है जो न्यायसंगत, संतुलित और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाया जाए।
समिति विभिन्न समुदायों, विधि विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेकर व्यापक अध्ययन करेगी। इसके बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लेगी।
समान नागरिक संहिता का विषय लंबे समय से राष्ट्रीय बहस का हिस्सा रहा है। समर्थकों का मानना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू होगा और समानता का सिद्धांत मजबूत होगा। वहीं, कुछ समूहों का कहना है कि इस विषय पर व्यापक संवाद, संवैधानिक संतुलन और विभिन्न समुदायों की चिंताओं को गंभीरता से ध्यान में रखा जाना चाहिए।
फिलहाल समिति का गठन प्रारंभिक प्रक्रिया का हिस्सा है। अंतिम निर्णय समिति की सिफारिशों, कानूनी समीक्षा और राज्य सरकार द्वारा अपनाई जाने वाली विधायी प्रक्रिया के बाद ही लिया जाएगा।

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