देश में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की संयुक्त टीम ने एक संगठित तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके कब्जे से 53 संरक्षित वन्यजीव और पक्षियों को सुरक्षित बरामद कर बचाया गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह गिरोह दुर्लभ और संरक्षित जीवों की अवैध खरीद-फरोख्त में सक्रिय था। बरामद किए गए सभी जीवों को चिकित्सकीय परीक्षण और देखभाल के बाद महाराष्ट्र तथा पश्चिम बंगाल के वन विभागों को सौंप दिया गया है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस तस्करी नेटवर्क की जड़ें किन राज्यों और देशों तक फैली हुई हैं। मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेन-देन की जांच के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वन्यजीव तस्करी केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि जैव विविधता और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। दुर्लभ प्रजातियों की अवैध तस्करी से पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होता है और कई प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर पहुंच सकती हैं।
यह कार्रवाई वन्यजीव अपराधों के खिलाफ एजेंसियों की सतर्कता का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। हालांकि, जांच अभी जारी है और अधिकारियों का कहना है कि आगे और गिरफ्तारियां तथा महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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