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छिंदवाड़ा में 44 लाख रुपये का गेहूं घोटाला!

 

कागजों में खरीदी पूरी, हकीकत में गोदाम खाली; जांच के घेरे में जिम्मेदार अधिकारी


छिंदवाड़ा। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी व्यवस्था में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रिकॉर्ड में लाखों रुपये मूल्य के गेहूं की खरीदी और भंडारण दर्ज किया गया, लेकिन जांच के दौरान गोदामों में उतना अनाज मौजूद नहीं मिला।



प्रारंभिक जांच में करीब 44 लाख रुपये के गेहूं की अनियमितता सामने आने की बात कही जा रही है। दस्तावेजों में खरीदी, परिवहन और भंडारण की प्रक्रिया पूरी दिखाई गई, जबकि वास्तविक स्थिति में अनाज की कमी मिली।


मामले में सवाल उठ रहे हैं कि बिना भौतिक सत्यापन के इतनी बड़ी मात्रा में गेहूं का हिसाब कैसे दर्ज हो गया? क्या खरीदी केंद्रों, परिवहनकर्ताओं और भंडारण एजेंसियों की मिलीभगत से यह खेल हुआ?


प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि रिकॉर्ड में दर्ज गेहूं कहां गया और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही।


सवाल बड़ा है — किसानों के नाम पर खरीदी गई सरकारी उपज की निगरानी व्यवस्था में सेंध किसने लगाई?

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