विशेष संवाददाता | जबलपुर
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में विधायक गोविंद सिंह राजपूत के वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव के नामांकन और चुनावी हलफनामे को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की कथित अचल संपत्तियों का विवरण शामिल नहीं किया गया।
क्या है मामला?
याचिकाकर्ता का दावा है कि चुनावी हलफनामे में उम्मीदवार की सभी घोषित योग्य संपत्तियों का पूरा विवरण होना चाहिए। आरोप है कि कुछ कथित अचल संपत्तियों का उल्लेख नहीं किया गया, जिससे मतदाताओं को अधूरी जानकारी मिली।
हाई कोर्ट ने क्या किया?
मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ के समक्ष हुई। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
कानूनी महत्व
यदि चुनावी हलफनामे में संपत्ति का विवरण जानबूझकर छिपाया गया हो और यह न्यायालय में सिद्ध हो जाए, तो इसके चुनावी और कानूनी प्रभाव हो सकते हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही लिया जाता है।
आगे क्या?
4 अगस्त को होने वाली सुनवाई में अदालत याचिका की प्रारंभिक स्वीकार्यता, रिकॉर्ड और पक्षकारों की दलीलों पर विचार कर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
महत्वपूर्ण: याचिका में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक विचाराधीन हैं। इन आरोपों की सत्यता पर हाई कोर्ट ने अभी कोई अंतिम टिप्पणी या निर्णय नहीं दिया है।

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