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कोयले की परतों से निकलेगी प्राकृतिक गैस! मुकेश अंबानी की बड़ी तैयारी, 1,000 वर्ग किलोमीटर में होगा नया ऊर्जा अभियान

 


नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज़ अब मध्य प्रदेश के सोहागपुर क्षेत्र में कोयले की परतों में मौजूद कोल बेड मीथेन (सीबीएम) यानी प्राकृतिक गैस के उत्पादन का विस्तार करने की तैयारी में है। कंपनी करीब 1,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले अपने दो ब्लॉकों में दूसरे चरण का विकास शुरू करेगी।


कंपनी ने अब तक मुख्य रूप से सोहागपुर पश्चिम ब्लॉक का विकास किया है, जहां 320 से अधिक कुएं पहले से उत्पादन में हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में इन कुओं से प्रतिदिन औसतन 0.88 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9.8 प्रतिशत अधिक है।

अब रिलायंस सोहागपुर पूर्व ब्लॉक में परीक्षण चरण की शुरुआत करेगी। शुरुआती चरण में लगभग 300 से 400 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। यदि परिणाम सफल रहे तो बड़े पैमाने पर गैस उत्पादन का विस्तार किया जाएगा।

क्या है कोल बेड मीथेन?

कोल बेड मीथेन वह प्राकृतिक गैस है, जो कोयले की परतों में लाखों वर्षों से फंसी रहती है। विशेष तकनीक से कुएं खोदकर इसे बाहर निकाला जाता है। इस गैस का उपयोग घरेलू, औद्योगिक और संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) के रूप में किया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन बढ़ेगा, आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

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