आस्था और विश्वास यदि है तो दो अक्षर का "राम" नाम आपकी नैया पार लगा देगा : अरुण जी
संवाददाता । सागर
कलयुग में केवल राम नाम ही आधार है। राम का लघु नाम ही जीवन को सफल बनाता है। राम नाम ही सत्य; सोना; धन; यश संपदा है। हनुमान की तरह कामना रहित सच्ची भक्ति की जाए तो सब कुछ संभव है। यह वचन देवराहा धाम होटल रियाद इन में पूर्व प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण जी ने कही।
कथा के पहले दिन उन्होंने कहा जीवन में सत्संग बहुत जरूरी है। सत्संग की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा- राम भक्त हनुमान जैसी विश्वास और श्रद्धा के साथ भक्ति यदि हो तो मानव जीवन में हर सफलता पाना आसान है।
दूसरे दिन उन्होंने लक्ष्मण शक्ति और माता सीता की लंका में खोज का वर्णन करते हुए सुंदरकांड के चौपाइयों पर व्याख्या की। अरुण जी ने कहा "कलयुग केवल नाम अधारा सुमिर सुमिर नर उतरही पारा..."। कलयुग में केवल राम नाम की शक्ति ही भवसागर से पर लगा सकती है।
उन्होंने लंका कांड का वर्णन करते हुए कहा जब विभीषण राम राम जपते थे तो एक दिन रावण को क्रोध आया और उसने कहा- तुम राम नाम क्यों लेते हो? डर के कारण विभीषण ने बुद्धिमानी से व्याख्या की "रा" मतलब रावण और "म" मतलब मंदोदरी... भाई हम आपका और भाभी का नाम लेते हैं।
दोनों दिन सुंदरकांड की चौपाइयों की व्याख्या करते हुए उन्होंने मानव को जीवन संभालने के गुण बताएं। कथा के प्रारंभ में "जय जय जय ओरछाधीस... जय जय राम राजा सरकार ...की आरती पर सभी ने भक्ति भाव में डूबकर करतल ध्वनि के साथ प्रभु का स्मरण किया। कथा के आयोजक विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अजय दुबे एवं संयोजक बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे हैं। मालूम हो अरुण जी हाल ही में सागर से प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत हुए हैं और ओरछा रामराजा सरकार के अनन्य भक्त हैं।
इस अवसर पर समाजसेवी सुरेश मोहनानी; शंकर मोटवानी के अलावा अन्य भक्तों ने कथा आचार्य अरुण जी का पुष्पहार से सम्मान किया।
कथा में पूर्व महापौर मनोरमा गौर; एड महेश नेमा; पत्रकार विपिन दुबे; फोटोग्राफर दीपक विश्वकर्मा; एड अरविंद मिश्रा; प्रदीप तिवारी; अरविंद श्रीवास; गिरिशकांत तिवारी; राघवेंद्र सिंह; नरेंद्र जाट; लखन राठौर; केके गुरु; मधुसूदन खेमरिया; प्रभुदयाल मिश्रा; नरेंद्र छाबड़ा; अभिषेक शुक्ला; बीडी सोनी; राकेश चौबे; एसके ताम्रकार; गोपाल भाई पटेल; कृष्ण कुमार दीक्षित के अलावा सैकड़ो भक्तवृंद शामिल हुए।


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