जबलपुर/जबलपुर रेल मंडल से यात्रा करने वाले स्लीपर कोच यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब स्लीपर श्रेणी में सफर करने वाले यात्रियों को बेडरोल (चादर, कंबल और तकिया) की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
जानकारी के अनुसार, बेडरोल वितरण और उसकी निगरानी का काम संभाल रही निजी एजेंसी ने स्लीपर कोच में इस व्यवस्था को जारी रखने में व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला दिया है। एजेंसी का कहना है कि स्लीपर यात्रियों से अलग से शुल्क वसूलना, बेडरोल का वितरण करना और उसकी वापसी सुनिश्चित करना काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, एसी कोच में बेडरोल सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी, क्योंकि उसका शुल्क टिकट में शामिल होता है और वहां इसकी निगरानी अपेक्षाकृत आसान रहती है। वहीं स्लीपर कोच में अलग व्यवस्था होने के कारण संचालन में दिक्कतें सामने आ रही थीं।
इस फैसले का असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो लंबी दूरी की यात्रा के दौरान रेलवे से बेडरोल सुविधा लेने के आदी रहे हैं। अब ऐसे यात्रियों को यात्रा के दौरान अपनी चादर, कंबल या अन्य जरूरी सामान स्वयं साथ लेकर चलना होगा।
रेलवे का कहना है कि यात्री सुविधा और संचालन व्यवस्था की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। भविष्य में यदि कोई नई व्यवस्था लागू होती है तो उसके अनुसार सुविधाओं में बदलाव किया जा सकता है।
रेल यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्लीपर कोच में यात्रा से पहले आवश्यक बिस्तर संबंधी सामग्री अपने साथ रखें, ताकि सफर के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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