Top News

MP में नया फायर सेफ्टी एक्ट तैयार: 15 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र अनिवार्य, उल्लंघन पर जेलMP prepares new Fire Safety Act: Fire safety certificate mandatory for buildings taller than 15 metres, jail for violation

 

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने की तैयारी में है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नए फायर सेफ्टी एक्ट का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसके तहत 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी भवनों के लिए 'अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र' (Fire Safety Certificate) लेना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।



प्रस्तावित कानून के अनुसार, निर्धारित मानकों के बिना भवनों का संचालन करने पर तीन महीने तक की जेल और 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि लगातार बढ़ रही बहुमंजिला इमारतों, व्यावसायिक परिसरों और आवासीय टावरों को देखते हुए अग्नि सुरक्षा के कड़े नियम समय की जरूरत हैं।

नए कानून में भवन निर्माण के दौरान ही अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म सिस्टम, जल भंडारण व्यवस्था और फायर फाइटिंग सिस्टम की अनिवार्यता तय की गई है। भवन मालिकों और संचालकों को समय-समय पर इन व्यवस्थाओं का रखरखाव और निरीक्षण भी कराना होगा।

सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक अस्पताल, होटल, मॉल, स्कूल, कॉलेज, मल्टीप्लेक्स, औद्योगिक इकाइयों और बहुमंजिला आवासीय परिसरों को विशेष श्रेणी में रखा जाएगा, जहां सुरक्षा मानकों का पालन और अधिक सख्ती से सुनिश्चित किया जाएगा।

हाल के वर्षों में प्रदेश के कई शहरों में आग की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। इंदौर में इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में लगी आग और अन्य हादसों के बाद अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। ऐसे में नया कानून भवनों में सुरक्षा मानकों को लागू कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मसौदे पर अंतिम विचार-विमर्श के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद प्रदेशभर में नई फायर सेफ्टी व्यवस्था लागू की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो आगजनी की घटनाओं में जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए केवल नियम बनाना ही नहीं, बल्कि नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई भी जरूरी होगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post