वर्षों बाद फिर गूंजेगा ‘हर-हर महादेव’, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह और भक्ति का माहौल
नई दिल्ली। भगवान शिव के पवित्र धाम माने जाने वाले की तीर्थयात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हो गया है। यात्रा शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। रवाना होने से पहले यात्रियों ने पूजा-अर्चना कर सफल और सुरक्षित यात्रा की कामना की।
विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों की देखरेख में आयोजित इस यात्रा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण, दस्तावेजों का सत्यापन और आवश्यक प्रशिक्षण पहले ही पूरा कर लिया गया था।
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन परंपरा के अनुयायियों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। मान्यता है कि कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थान है, जबकि मानसरोवर झील आध्यात्मिक शुद्धता और मोक्ष का प्रतीक मानी जाती है।
अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। विभिन्न चरणों में तीर्थयात्रियों के अन्य जत्थे भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रवाना होंगे।
श्रद्धालुओं ने यात्रा शुरू होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि कैलाश मानसरोवर के दर्शन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक सपना है। कई यात्रियों ने इसे सौभाग्य और जीवन की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक बताया।
कैलाश मानसरोवर यात्रा को दुनिया की सबसे कठिन और पवित्र तीर्थयात्राओं में गिना जाता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों से गुजरने के बावजूद हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेने की इच्छा रखते हैं।
पहले जत्थे के रवाना होने के साथ ही देशभर के श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल है और सभी यात्रियों की सुरक्षित एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

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