नई दिल्ली। आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी अध्यक्ष ने पंजाब की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति का आकलन करने के लिए तीन वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) नियुक्त किया है।
कांग्रेस द्वारा जारी आदेश के अनुसार , और को पंजाब का ऑब्जर्वर बनाया गया है। ये नेता राज्य में पार्टी संगठन, कार्यकर्ताओं की स्थिति, नेतृत्व और चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब हाल ही में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी ने राज्य इकाई में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया था। बघेल ने स्पष्ट किया था कि फिलहाल संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस पंजाब में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर व्यापक तैयारी कर रही है। ऑब्जर्वरों की नियुक्ति को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति का आकलन कर चुनावी रोडमैप तैयार किया जा सके।
पंजाब में कांग्रेस को आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व राज्य में संगठन को एकजुट और सक्रिय बनाने पर विशेष जोर दे रहा है।
अब इन पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस पंजाब में आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक फैसले ले सकती है, जिससे चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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