कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति की सिफारिशों के आधार पर ड्राफ्ट बिल राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी को संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक कानूनों से जुड़े प्रावधानों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है।
सरकार के अनुसार, प्रस्तावित यूसीसी में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा, ताकि उनके पारंपरिक अधिकार और रीति-रिवाज सुरक्षित रह सकें। समिति को निर्धारित समय में अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद विधेयक को विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है।
यूसीसी को लेकर राज्य में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। समर्थक इसे सभी नागरिकों के लिए समान कानून की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं, जबकि विपक्ष ने इसके विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विधानसभा और राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

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