कोलकाता/गुवाहाटी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख Mamata Banerjee को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की राज्यसभा सांसद Sushmita Dev ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उनकी Himanta Biswa Sarma से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, सुष्मिता देव के इस्तीफे को टीएमसी के भीतर चल रहे असंतोष और संगठनात्मक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के अंदर पिछले कुछ समय से नेतृत्व और रणनीति को लेकर मतभेदों की चर्चाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में उनका इस्तीफा टीएमसी के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात ने इस घटनाक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। हालांकि अभी तक सुष्मिता देव की ओर से किसी नई राजनीतिक पारी को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उनकी अगली रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
टीएमसी नेतृत्व ने फिलहाल इस घटनाक्रम पर संयमित प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि संगठन मजबूत है और किसी एक नेता के जाने से उसकी राजनीतिक ताकत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं विपक्ष इसे टीएमसी में बढ़ती अंदरूनी असहमति का संकेत बता रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में टीएमसी के अन्य नेता भी असंतोष खुलकर सामने लाते हैं, तो इसका असर पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।
फिलहाल सबकी निगाहें सुष्मिता देव के अगले कदम पर टिकी हैं। उनका इस्तीफा और हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।

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