पाकिस्तान से जुड़े कथित मॉड्यूल की जांच तेज, ATS को मिले कई अहम सुराग
भोपाल। मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने भोपाल के काजी कैंप क्षेत्र से मोहम्मद फराज उर्फ सैफुल्लाह को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में था और देश में कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने तथा युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहा था। मामले में नईम अब्दुल्ला का नाम भी सामने आया है, जिस पर नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।
ATS के अनुसार, पूछताछ में फराज के कई वर्षों से नईम अब्दुल्ला के संपर्क में रहने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी हैंडलरों से जुड़ने की जानकारी मिली है। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों को कथित तौर पर भारत में कट्टरपंथी नेटवर्क खड़ा करने और तथाकथित "मिशन 2047" के तहत शरिया कानून लागू करने जैसे उद्देश्यों के लिए प्रेरित किया जा रहा था। हालांकि इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है और जांच जारी है।
जांच एजेंसियों का यह भी कहना है कि फराज कथित रूप से अफगानिस्तान या पश्चिम एशिया जाकर प्रशिक्षण लेने की तैयारी में था। उसके पास से संदिग्ध दस्तावेज, जिहादी साहित्य और डिजिटल सामग्री बरामद होने का दावा किया गया है।
इसी बीच, स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि फराज की गिरफ्तारी के बाद उसका परिवार घर छोड़कर कहीं चला गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसके घर और क्लिनिक पर ताला लगा मिला, हालांकि परिवार के लापता होने संबंधी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ATS ने फराज के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की तलाश में जुटी हैं और मामले की जांच कई राज्यों तक फैल सकती है।
राज्य के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और उसकी गतिविधियों की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील प्रकरण मानते हुए विस्तृत जांच जारी है।

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