बौद्धिक प्रतिकार | जबलपुर
मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक कृषि कंपनी द्वारा निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। करीब 39 लाख रुपये के घोटाले के आरोप में कंपनी के 6 डायरेक्टरों समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासनिक जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के अनुमोदन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोप है कि कृषि एवं निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों से धनराशि जमा कराई गई, लेकिन तय शर्तों के अनुसार भुगतान नहीं किया गया और निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक गोपीन्द्र सिंह राजपूत को सौंपी गई है। पुलिस अब कंपनी के वित्तीय लेन-देन, निवेश दस्तावेजों और शिकायतकर्ताओं के बयानों की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई लोगों ने बेहतर मुनाफे के लालच में कंपनी की योजनाओं में निवेश किया था। बाद में भुगतान में अनियमितता और वादाखिलाफी की शिकायतें मिलने लगीं। शिकायतों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई की अनुमति दी।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही कंपनी की संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है ताकि निवेशकों की राशि की स्थिति स्पष्ट हो सके।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के निवेशकों में उम्मीद जगी है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने आम लोगों से बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से बचने की अपील की है।
39 लाख रुपये के इस कथित घोटाले ने एक बार फिर निवेश योजनाओं की पारदर्शिता और निवेशकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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