रायपुर।
छत्तीसगढ़ की Vishnu Deo Sai सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदियों को बड़ा सम्मान देते हुए लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधानों के तहत पात्र लोकतंत्र सेनानियों को अब पहले की तुलना में अधिक सम्मान राशि मिलेगी, जो बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह तक कर दी गई है। यह फैसला आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार का कहना है कि लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौर में जेल, प्रताड़ना और राजनीतिक दमन का सामना किया था। ऐसे लोगों के योगदान को सम्मानित करने के लिए कानून में संशोधन कर आर्थिक सहायता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
क्या मिलेगा लाभ?
संशोधन के बाद पात्र मीसाबंदियों और लोकतंत्र सेनानियों को मासिक सम्मान निधि में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई और उम्र संबंधी जरूरतों को देखते हुए यह कदम आवश्यक था।
भाजपा ने बताया सम्मान, विपक्ष ने उठाए सवाल
सत्तारूढ़ भाजपा इस फैसले को लोकतंत्र रक्षकों के प्रति सम्मान बता रही है। वहीं विपक्ष का कहना है कि राज्य में बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी चुनौतियों के बीच सरकार को अन्य प्राथमिक मुद्दों पर भी समान गंभीरता दिखानी चाहिए।
रानीतिक संदेश भी स्पष्ट
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि आपातकाल विरोधी आंदोलन की विरासत को सम्मान देने का भी संदेश है। भाजपा लंबे समय से आपातकाल के मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर उठाती रही है।
बड़ा सवाल
क्या अन्य राज्य भी लोकतंत्र सेनानियों के लिए इसी तरह सम्मान राशि बढ़ाने का निर्णय लेंगे? फिलहाल छत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम ने देशभर में नई चर्चा छेड़ दी है और लोकतंत्र सेनानियों के बीच खुशी का माहौल है।

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