पंचायती राज मंत्रालय ने कहा है कि पंचायती राज से संबंधित चार पहलों को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 के लिए चुना गया है। डिजिटल शासन और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण व्यापक बनाने में यह ग्राम पंचायतों की बढ़ती भूमिका दर्शाता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में डेटा एनालिटिक्स के उपयोग द्वारा डिजिटल बदलाव श्रेणी में पंचायत उन्नति सूचकांक को स्वर्ण पदक मिला है। यह सूचकांक स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े संकेतकों के आधार पर देशभर की ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन करता है।
मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र के सांगली जिले की कडेपुर ग्राम पंचायत ने स्वर्ण पदक जीता है। जबकि त्रिपुरा के पश्चिमी त्रिपुरा जिले की बिजॉय नगर ग्राम पंचायत ने ग्राम पंचायतों द्वारा जमीनी स्तर की पहल श्रेणी के अंतर्गत सेवा वितरण के लिए रजत पदक हासिल किया है। मंत्रालय ने कहा कि ये पुरस्कार डिजिटल प्रौद्योगिकियों के अभिनव उपयोग और जमीनी स्तर पर सार्वजनिक सेवाओं का प्रभावी वितरण दर्शाते हैं। महाराष्ट्र में जिला परिषद नंदुरबार के स्वास्थ्य विभाग को भी उसकी ई-आरोग्य पहल और स्वास्थ्य सेवा सुधार में डिजिटल उपकरणों के उपयोग धामनी के लिए ई-गवर्नेंस में जिला-स्तरीय पहल के लिए स्वर्ण पदक मिला है।
आगामी 1 और 2 जुलाई को राजस्थान के जयपुर में आयोजित होने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान ये पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सम्मेलन का विषय है विकसित भारत 2047: एआई-सक्षम, डेटा-संचालित और सुरक्षित डिजिटल शासन। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार में स्वर्ण पदक विजेताओं को 10 लाख रुपये और रजत पदक विजेताओं को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ताकि परियोजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन तथा जनकल्याण में संसाधनों की कमी दूर की जा सके।

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