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बंगाल में हार के बाद TMC में बगावत! ममता बनर्जी की बैठक में नहीं पहुंचे 9 विधायकTMC rebels after Bengal defeat! 9 MLAs skip Mamata Banerjee's meeting



दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी के अंदरूनी लोगों पर तोड़फोड़ का गंभीर आरोप लगाया है। 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद भाजपा से मिली करारी हार के बीच ममता ने बुधवार को पार्टी में कई जांच शुरू करने की घोषणा की और एक दृढ़ तथा कड़ा रुख अपनाया।

दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर ममता बनर्जी ने 80 नवनिर्वाचित विधायकों में से 71 के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने साफ चेतावनी दी कि पार्टी या उसके उच्च नेतृत्व के खिलाफ किसी भी तरह का विद्रोह या असंतोष बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आंतरिक तोड़फोड़ का आरोप

ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी के कुछ अपने ही लोगों ने उन्हें तोड़ा है। एक वरिष्ठ टीएमसी नेता के अनुसार ममता ने बैठक में कहा कि हमारे अपने कुछ लोगों ने हमें नुकसान पहुंचाया है। हम सभी आरोपों की जांच करेंगे।मामले की जांच के लिए ममता बनर्जी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं डेरेक ओ’ब्रायन, फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य और असीमा पात्रा को शामिल करते हुए एक अनुशासन समिति बनाई है। इसके अलावा अशांति प्रभावित जिलों का दौरा करने के लिए तीन अलग-अलग फैक्ट-फाइंडिंग टीमों का भी गठन किया गया है।

चुनाव में धांधली का आरोप

चुनाव परिणाम को लेकर ममता बनर्जी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हम जनादेश का सम्मान करते हैं। लेकिन मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। यह चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ हमारा विरोध है।

अगर उन्हें मुझे बर्खास्त करना है तो करें। मैं चाहती हूं कि यह एक काला दिन हो। उन्होंने सभी विधायकों से विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनकर आने को कहा।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव में धांधली हुई है और TMC के पास इसे अदालत में चुनौती देने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी जाएंगे।

उन्होंने वोट शेयर के अंतर का हवाला देते हुए कहा कि वोट शेयर का अंतर मात्र 30 लाख है, जो लगभग उतनी ही संख्या है जितने नाम SIR के तहत हटाए गए। इसके अलावा ऑनलाइन 7 लाख नाम जोड़े गए। उन्होंने परिणाम दिवस पर गिनती केंद्र पर हुई गाली-गलौज का भी जिक्र किया।

पार्टी में बयानबाजी पर लगाम लगाने की कोशिश

कुछ TMC सांसदों द्वारा भाजपा की जीत को जनादेश बताते हुए बधाई देने के बाद पार्टी ने स्पष्ट किया कि ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं। अभिनेता-सांसद देव और शत्रुघन सिन्हा के बयानों के बाद पार्टी ने मिश्रित संदेश पर अंकुश लगाने की कोशिश की।

बैठक में ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी तथा TMC राज्य अध्यक्ष सुब्रत बक्शी भी मौजूद थे। विधायकों ने अभिषेक बनर्जी को खड़े होकर तालियां बजाकर उनके चुनाव अभियान में योगदान की सराहना की।

पोस्ट-पोल हिंसा नियंत्रित करने का हवाला

ममता बनर्जी ने संकेत दिया कि वे जल्द ही वकालत दोबारा शुरू कर सकती हैं और अन्य वरिष्ठ नेता भी उनका साथ देंगे। कुछ विधायक बैठक में अनुपस्थित रहे, जिनमें से कई ने अपने क्षेत्रों में पोस्ट-पोल हिंसा नियंत्रित करने का हवाला दिया। उत्तर बंगाल के कुछ विधायकों को बैठक में शामिल होने से रोका गया।

ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों पर मुर्शिदाबाद में लेनिन की प्रतिमा तोड़ने और पूरे राज्य में करीब 1,500 TMC कार्यालयों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 9 मई को रवींद्र जयंती को सांस्कृति

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