Supreme Court of India ने सबरीमाला विवाद से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने याचिका दायर करने वाले Indian Young Lawyers Association से तीखे सवाल करते हुए पूछा कि आखिर ऐसी याचिका दायर करने की जरूरत क्या थी और क्या उनके पास कोई अन्य महत्वपूर्ण काम नहीं है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि क्या याचिकाकर्ता स्वयं को देश का “मुख्य पुजारी” मानते हैं, जो इस तरह के धार्मिक मामलों में दखल दे रहे हैं। अदालत की इन टिप्पणियों से स्पष्ट है कि वह इस मुद्दे पर अनावश्यक दखलंदाजी को लेकर गंभीर है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील Ravi Prakash Gupta ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखीं और याचिका के पक्ष को स्पष्ट करने की कोशिश की।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने संकेत दिया कि वह इस तरह की याचिकाओं पर सख्ती से विचार करेगी और आवश्यक होने पर कड़ा रुख अपनाएगी।

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