नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों से भीषण गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, धूप से बचाव के उपाय अपनाएं और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रधानमंत्री ने आम पन्ना, छाछ, लस्सी, सत्तू, बेल पन्ना, कोकम शरबत और सोल कढ़ी जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये केवल गर्मी से राहत ही नहीं देते, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक ज्ञान का भी प्रतीक हैं।
उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध आमों—काशी का लंगड़ा, महाराष्ट्र का अल्फांसो, गुजरात का केसर और पश्चिम बंगाल का हिमसागर—का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय आमों ने वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है और कृषि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपनी हालिया Netherlands यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां की सरकार ने चोलकालीन ताम्र-पट्टिकाएं भारत को लौटाई हैं, जो देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण पर भी चर्चा की। उन्होंने Ranchi में आयोजित राष्ट्रीय वरिष्ठ एथलेटिक्स प्रतियोगिता में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी तथा युवाओं से खगोल विज्ञान क्लबों से जुड़ने और विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा डॉल्फिन संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक जीव की रक्षा नहीं, बल्कि नदी की जैव विविधता और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण का अभियान है।
प्रधानमंत्री ने देशभर में समाज सेवा, जल संरक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे कई प्रेरणादायक व्यक्तियों का उल्लेख करते हुए नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों को पहचानें और स्वयं भी समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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