मध्य प्रदेश में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। 4 मई से प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों के समाधान और सेवा सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के चलते अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
आंदोलन के तहत पहले चरण में प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जाएंगे, इसके बाद जरूरत पड़ने पर कार्यबहिष्कार और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी किया जा सकता है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
इस पूरे मामले पर मोहन यादव सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। अगर समय रहते समाधान नहीं निकला, तो इसका असर आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता

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