नई दिल्ली ।बौद्धिक प्रतिकार
CBI ने शुरू की मनी ट्रेल की जांच, पेपर लीक नेटवर्क में कई राज्यों के कनेक्शन की पड़ताल तेज
देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अब इस मामले में वित्तीय लेनदेन और मनी ट्रेल की गहराई से जांच शुरू कर दी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक के जरिए कितनी रकम वसूली गई और यह पैसा किन-किन लोगों तक पहुंचा।
अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में शुभम खैरनार, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और अन्य संदिग्ध शामिल हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसमें कई राज्यों के लोगों की भूमिका हो सकती है।
CBI सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि परीक्षार्थियों से कितनी रकम ली गई और पेपर लीक की पूरी साजिश कैसे रची गई।
जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपी अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से मोटी रकम लेकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करते थे। मामले में कई कोचिंग कनेक्शन और बिचौलियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक का मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए एजेंसियां पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की कोशिश में जुटी हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी गई थी। वहीं विपक्षी दलों ने भी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। फिलहाल CBI की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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